स्टार्ट-अप चरण में अपने व्यवसाय के लिए स्पष्ट और एक्यूरेट फाइनेंसियल प्रेडिक्शन ( सटीक वित्तीय भविष्यवाणियां ) कैसे करें?

यहाँ हम चर्चा करने जा रहे है कि स्टार्ट-अप चरण में अपने व्यवसाय के लिए स्पष्ट और एक्यूरेट फाइनेंसियल प्रेडिक्शन ( सटीक वित्तीय भविष्यवाणियां ) कैसे करें?

 

स्टार्ट-अप चरण के दौरान आपकी कंपनी के लिए स्पष्ट स्पष्ट और एक्यूरेट फाइनेंसियल पूर्वानुमान बनाना बहुत महत्वपूर्ण है।

अधिकांश व्यवसाय मालिकों की शिकायत है कि सटीक फाइनेंसियल पूर्वानुमान/ वित्तीय प्रोजेक्ट्स के निर्माण में समय लगता है, और उस समय का उपयोग योजना बनाने के बजाय बिक्री उत्पन्न करने में किया जा सकता है। हालांकि, स्पष्ट अनुमान नहीं होने पर कुछ निवेशक आपकी कंपनी में कैसे निवेश करेंगे, यह भी एक सोचने वाली बात है। इसलिए ये और भी जरुरी है की आप मोटे तौर पर एक फाइनेंसियल स्ट्रक्चर या प्लानिंग कर लें।

सही वित्तीय अनुमान आपको स्टाफिंग और ओपेरटेशनल प्लानिंग या योजना बनाने में मदद करेंगे जो आपकी कंपनी को अगले स्तर पर ले जायेगा।

व्यवसाय के लिए स्पष्ट और एक्यूरेट फाइनेंसियल प्रेडिक्शन ( सटीक वित्तीय भविष्यवाणियां ) कैसे करें? .. आपके व्यवसाय के लिए फाइनेंसियल पूर्वानुमान/ वित्तीय अनुमान बनाने में आपकी सहायता करने के तरीके यहां दिए गए हैं, जो कि इस प्रकार हैं :-

 

सबसे पहले, खर्चों से शुरू करें

 

क्या आपकी कंपनी स्टार्ट-अप चरण में है?

यदि ऐसा है, तो रेवेनुए /राजस्व के बजाय एक्सपेंसेस या खर्चो की भविष्यवाणी करना आसान है। इसलिए, सामान्य खर्चों के अनुमानों के साथ शुरू करें जैसे कि –

 

  • किराए,
  • यूटिलिटी बिल जैसे कि  बिजली – पानी आदि का बिल,
  • फोन बिल, इंटरनेट बिल,
  • कानूनी शुल्क,
  • एडवरटाइज /विज्ञापन,
  • कॉस्ट ऑफ़ गुड्स सोल्ड (बेची गई वस्तुओं की लागत),
  • रॉ मैटेरियल्स और
  • कस्टमर सर्विसेज (ग्राहक सेवा) की लागत आदि।

 

मार्केटिंग और विज्ञापन के लिए अपने एक्सपेक्टेशन / अनुमानों को दोगुना करें क्योंकि वे अपेक्षाओं से अधिक बढ़ जाते हैं। कानूनी और बीमा शुल्क को ट्रिपल मानकर रखें क्योंकि इनका अनुमान लगाना मुश्किल है।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके अनुमान एक्यूरेट /सटीक हैं, आप मुख्य खर्चे के रेसिओ /अनुपातों की जाँच करें।

रेवेनुए या सेल पूर्वानुमान करने के बाद, खासकर खर्चों के बारे में  मत भूलिये। अधिकांश उद्यमी रेवेनुए या सेल गोल / लक्ष्यों तक पहुंचने पर ध्यान केंद्रित करते हैं और वे पॉजिटिव/ सकारात्मक सोच रखते हुए मानते हुए चलते हैं कि यदि रेवेनुए नहीं होता है या यूँ  कहे कि अगर रेवेनुए कम होगा तो वे खर्चों को एडजस्ट कर सकते हैं।

तो यहाँ यह बात समझ लीजिये कि पॉजिटिव/ सकारात्मक सोच आपको अपनी बिक्री में सुधार करने में मदद कर सकती है, लेकिन यह बिलों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

“की रेसिओ ” (प्रमुख अनुपातों)  का उपयोग करके, आप अपने रेवेनुए और एक्सपेंस फॉरकास्ट (व्यय पूर्वानुमान) का मिलान कर सकते हैं। यहां कुछ अनुपात दिए गए हैं जो एक्यूरेट/ सटीक पूर्वानुमान लगाने के लिए मार्गदर्शन कर सकते हैं :-

 

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1. टोटल प्रॉफिट (कुल लाभ)

 

यह एक निश्चित अवधि के लिए टोटल डायरेक्ट कॉस्ट और टोटल रेवेनुए (कुल राजस्व) का अनुपात है। आप उन धारणाओं पर ध्यान दें जो आपके ग्रॉस मार्जिन को १० से ४०% तक बढ़ा सकती हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपकी कस्टमर सर्विस और सेल एक्सपेंसेस  (बिक्री व्यय) अभी कम हैं, तो वे भविष्य में अधिक हो सकते हैं। इसलिए इस कॉन्सेप्ट (अवधारणा ) पर विशेस ध्यान दें।

 

2. ऑपरेटिव प्रॉफिट मार्जिन (परिचालन लाभ मार्जिन)

 

ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन, वेरिएबल कॉस्ट ऑफ़ प्रोडक्शन (उत्पादन की परिवर्तनीय लागत )- जैसे मजदूरी और कच्चे माल का भुगतान करने के बाद, और ब्याज या कर का भुगतान करने से पहले, एक रूपये की बिक्री पर होने वाले लाभ को मापता है। इस अनुपात से पॉजिटिव मूवमेंट (सकारात्मक हलचल) देखने की उम्मीद की जाती है।

जैसे-जैसे आपका रेवेनुए / राजस्व बढ़ता है, ओवरहेड कॉस्ट कुल लागत का एक छोटा अनुपात होना चाहिए, इसलिए आपके ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में वृद्धि होनी चाहिए।

 

कृपया ध्यान दें –> अधिकांश इंटरप्रेनयर/ बिज़नेस मैन  (उद्यमी) ब्रेक-ईवन बिंदु की बहुत जल्दी भविष्यवाणी करके गलती करते हैं और वे मानते हैं कि इस बिंदु तक पहुंचने के लिए उन्हें फाइनेंसिंग  की आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन ये गलत हो सकती है, इसलिए सावधान एवं सतर्क रहें।

 

३. टोटल हेडकॉउंट पर कस्टमर (प्रति ग्राहक कुल हेडकाउंट)

 

क्या आप वन पर्सन एंटरप्रेन्योर (OPE ) हैं जो आपके व्यवसाय को अपने दम पर विकसित करने की योजना बना रहे हैं?

 

अगर इसका उत्तर हां  है तो फिर,

इस अनुपात पर बहुत ध्यान दें।

अपने ग्राहकों की कुल संख्या से अपनी फर्म में कर्मचारियों की संख्या को विभाजित करें ( यदि केवल आप सब कुछ अपने दम पर करते हैं)। फिर, अपने आप से पूछें कि क्या आप उन सभी खातों का प्रबंधन पांच वर्षों में करना चाहेंगे, जब कंपनी का विकास हुआ है। यदि नहीं, तो आपको पेरोल या रेवेनुए या दोनों के बारे में अपनी  धारणाओं का रिवैलुएट करने की आवश्यकता है।

 

हर सफल उद्यमी ने कभी न कभी अपने व्यवसाय में गलतियाँ करता है। हमें इसे सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा मानना चाहिए।

हालाँकि गलतियाँ हो जाती हैं, लेकिन आप कई सामान्य मार्केटिंग गलतियों से बच सकते हैं।

 

तो यभी हमने डिसकस किया कि अपने व्यवसाय के लिए स्पष्ट और एक्यूरेट फाइनेंसियल प्रेडिक्शन ( सटीक वित्तीय भविष्यवाणियां ) कैसे करें? अगर आपको और अधिक जानकारी चाहिए तो यहाँ क्लिक करें।

मुझे आपकी सहायता करने में ख़ुशी होगी।

आपका मित्र!

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